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Friday, 9 October 2015

क्यों नहीं जागरूक हो रहे भारतीय मतदाता ?

क्यों नहीं जागरूक हो रहे भारतीय मतदाता  इस मुद्दे पर लोगों की अलग-अलग राय जानने का मौका मेरे दुआरा चलाये गए मतदाता जन-जागरूकता अभियान के माध्यम से मिला जिसमे लोगो के अनुसार अलग-अलग राय है और कुछ लोग तो इस मुद्दे पर एक-दूसरे से बिलकुल उलट सोच भी रखते हैं।

देश के मतदाताओं की निर्णय क्षमता और मतदान के वक्त उनकी विवेक शक्ति पर भरोसा करने वाले वर्ग का मानना है कि आज आजादी के बाद के हालात नहीं हैं तथा मतदाता अपने लाभ-हानि, देश और समाज के हित सहित विकास के मुद्दों को अच्छी तरह समझने लगा है। यही कारण है कि कोई भी राजनीतिक दल उन्हें मूर्ख बना कर उनका वोट नहीं हथिया सकता है। यदि किसी राजनीतिक दल को सत्ता में रहना है तो उसे विकास की राजनीति करनी होगी अन्यथा मतदाता उसे नकार देगा I
इसके ठीक विपरीत ऐसे लोगों की संख्या ज्यादा है जो ये मानते हैं कि आज भी देश में मतदाता मतदान के वक्त जाति, मजहब, क्षेत्र, नातेदारी आदि को तवज्जो देता है तथा छोटे-छोटे लाभ के लालच में अपना भविष्य भरमाने वाले राजनीतिज्ञों के पास गिरवी रख देता है। राजनीतिक दल शराब, पैसा, बेरोजगारी भत्ता, मुफ्त साइकिल, सस्ते राशन आदि का प्रलोभन देकर मतदान को बड़ी आसानी से अपने पक्ष में करवा लेते हैं। इसलिए ये कहना बेमानी है कि मतदाता जागरुक हो चुका है और वह अपना मत विकास और राष्ट्रहित के आधार पर देता है।
उपरोक्त के आधार पर कुछ ऐसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील सवाल सामने आते हैं जिन पर बहस होनी ही चाहिए, जैसे:

1. क्या आज की परिस्थिति में भारतीय मतदाताओं को अपने मत मूल्य की पहचान हो चुकी है?
2. क्या भारतीय मतदाता आज भी क्षुद्र स्वार्थों के लालच में आकर मतदान करते हैं?
3. मतदाताओं के व्यवहार को देखते हुए यह कहना कहां तक सही होगा कि भारत का लोकतंत्र परिपक्व लोकतंत्र है?
4. मतदाता को जागरुक करने के लिए कौन से उपाय अपनाए जाने चाहिए?

Friday, 2 October 2015

मतदाता जन-जागरूकता अभियान 2015

                                     मतदाता जन-जागरूकता अभियान


हमने मतदाता को जागरूक करने के लिये चलाये जा रहे अभियान को अत्यधिक प्रभावी बनाने के लिए पांच चरण का सहारा लिया है
प्रथम चरण  : लोगो के बीच जा कर अपने आने और जागरूकता सम्बधित कर्त्यव के बारे में बताते है !
दुतीय स्टेप : मतदाताओ को कुछ स्लोगन और पम्पलेट देते है जिसमे उनके मतदान करने सम्बधित जानकारी उपलब्ध है ( जैसे : इस बार E.V.M पर प्रत्याशी का चेहरा भी होगा )
तृतीय चरण : उन्हें इंटरनेट के माध्यम से उनका नाम निर्वाचन सूची में  है की नहीं यह बतलाते है !
चतुर्थ चरण : मतदाताओं को शपथ हस्ताक्षर के माध्यम से शपथ दिलवाते है की मतदान के दिन वे मतदान जरूर करें !
पांचवे चरण : इस अंतिम चरण में रिमाइंडर के रूप में उनके मुख्य द्वार पर गमिंग स्टीकर चिपकाते है जिसमे मतदान दिनाक , मतदाताओ का कर्तव्य उनका विधानसभा और आपातकालीन हेल्पलाइन ( जैसे : रोसड़ा थाना , S.D.O रोसड़ा ) का नंबर शामिल है

* यह मतदाता जन-जागरूकता अभियान  पूर्ण निशुल्क है
यह लक्ष्य युवा सामाजिक कार्य हेतु चल रहे संगठन द्वारा मतदाताओ को जागरूक करने का प्रयास है